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जब जानी-पहचानी आवाज़ झूठी पुष्टि बन जाए

इटली के एक बैंक ने करोड़ों यूरो विदेश भेज दिए। चीन में एक बुज़ुर्ग महिला ने एक अजनबी को नकद सौंप दिया। दोनों मामलों में ठगों ने एआई से परिचित आवाज़ की नकल की और अपनी ही कहानी को किसी दूसरे स्रोत से मिली पुष्टि जैसा बना दिया।

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फ़रवरी 2026 में Fideuram के निदेशक मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष Paolo Molesini को WhatsApp पर एक संदेश मिला। वह इटली के सबसे बड़े बैंक Intesa Sanpaolo के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Carlo Messina की ओर से आया लगता था। फिर एक व्यक्ति ने फ़ोन करके खुद को Molesini का परिचित वकील बताया। आवाज़ भी उसी वकील जैसी थी। उसने एक ऐसे लेन-देन की बात की जिसे तुरंत पूरा करना और गोपनीय रखना था, फिर दस्तावेज़ और भुगतान के निर्देश भेजे। इसके बाद Fideuram के कर्मचारियों ने विदेश के खातों में लगभग 9.5 करोड़ यूरो भेज दिए।

संदेश फ़र्ज़ी था और फ़ोन करने वाला वह वकील नहीं था। Corriere della Sera और ANSA के मुताबिक, ठगों ने एआई से वकील की आवाज़ की नकल की थी।

आवाज़ इस पूरे मंचन का सिर्फ़ एक हिस्सा थी। ANSA की रिपोर्ट के अनुसार, Fideuram के नकदी प्रबंधन और भुगतान विभाग के प्रमुख को भी एक कॉल आई। इस बार फ़ोन करने वाले ने Messina नहीं, बल्कि खुद को Fideuram का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बताया। उसने कहा कि Molesini जल्द एक ज़रूरी निर्देश देंगे। रिपोर्ट यह नहीं बताती कि दूसरी कॉल में भी आवाज़ की नकल की गई थी या नहीं।

बैंक और जाँचकर्ताओं ने रकम का बड़ा हिस्सा रोक लिया या वापस हासिल कर लिया। बाकी रकम को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। Corriere और Reuters के मुताबिक, लगभग 3.6 करोड़ यूरो अब भी नहीं मिले हैं। ANSA ने मामले के दस्तावेज़ों के हवाले से यह रकम 3.95 करोड़ यूरो बताई है। जाँच जारी है, इसलिए अंतिम नुकसान अभी तय नहीं है। Reuters के अनुसार, Intesa Sanpaolo और Fideuram ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया।

हुआंगशी में पोते की आवाज़

28 अप्रैल 2025 को चीन के हुआंगशी में डिंग नाम की एक बुज़ुर्ग महिला के घर फ़ोन आया। आवाज़ उनके पोते जैसी थी। बोलने वाले ने कहा कि उसने एक सहपाठी को घायल कर दिया है और मामला सुलझाने के लिए पैसे चाहिए। जब एक आदमी नकद लेने उनके घर पहुँचा, तो उसने कथित पोते को फिर फ़ोन लगाया। डिंग ने वही आवाज़ दोबारा सुनी और उसे 20,000 युआन दे दिए। पीपल्स डेली के मुताबिक, उसी शाम पोते के घर लौटने पर उन्हें ठगी का पता चला।

इसी तरह दो और बुज़ुर्गों को ठगा गया। तीनों ने कुल 60,000 युआन दिए। चीन के सर्वोच्च जन न्यायालय के विवरण से भूमिकाएँ साफ़ होती हैं: नकद लेने वाला आदमी अपने साथी को फ़ोन करता था और वह साथी एआई से पीड़ितों के रिश्तेदारों की आवाज़ की नकल करता था। नकद लेने वाले व्यक्ति को धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया। प्रकाशित विवरण के मुताबिक, उसने बाद में पीड़ितों को पूरी रकम लौटा दी।

दूसरी “पुष्टि” भी ठगों के हाथ में थी

डिंग के घर दूसरी कॉल पहली बात की पुष्टि जैसी लगी, लेकिन उसे उसी आदमी ने मिलाया था जो नकद लेने आया था। Fideuram में भी कथित वकील की कॉल और उसके दस्तावेज़, फिर भुगतान विभाग को आई दूसरी कॉल, Messina के नाम से आए संदेश को सही साबित करती हुई लग सकती थीं। लेकिन ये सभी संकेत ठगों की बनाई व्यवस्था का हिस्सा थे।

जानी-पहचानी आवाज़ से यह एहसास हो सकता है कि सामने वाला परिचित है, लेकिन उससे उसकी पहचान साबित नहीं होती। आधिकारिक दिखने वाले दस्तावेज़ भी वैसा ही भरोसा पैदा कर सकते हैं, भले वे पैसे माँगने वाले ने ही भेजे हों। अगर सारी बातें उसी पक्ष से आई हों, तो उनका आपस में मेल खाना स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

स्वतंत्र जाँच मौजूदा बातचीत के बाहर से शुरू होती है। अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग सलाह देता है कि फ़ोन काटकर रिश्तेदार को उस नंबर पर कॉल करें जो पहले से मालूम हो, या कंपनी से उसके ऐसे आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें जिसे आपने खुद चुना हो। सवाल यह नहीं कि कहानी की कितनी बातें मेल खाती हैं। सवाल यह है कि क्या कोई पुष्टि ऐसे रास्ते से आई जिसे दूसरा पक्ष नियंत्रित नहीं करता था।

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