कानून में एआईमई 2025

ChatGPT से मिले गलत हवाले अदालत पहुँचे। तीन वकील मुकदमे से हटाए गए

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अमेरिका के अलबामा में एक कैदी ने जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर मुकदमा किया था। प्रतिवादी के वकील ने दो अर्जियों की तैयारी के दौरान ChatGPT से ऐसे फैसलों के हवाले माँगे जो उसकी दलीलों को मज़बूत कर सकें। ChatGPT से मिले हवाले टीम में एक वकील से दूसरे तक पहुँचे और फिर अदालत में दायर अर्जियों में शामिल हो गए। किसी ने उन्हें जाँचा नहीं था। पाँच हवाले गलत या भ्रामक निकले। कैदी के वकीलों ने यह गड़बड़ी पकड़ी और संघीय अदालत की जज ने तीन वकीलों को सार्वजनिक तौर पर फटकार लगाकर मुकदमे से हटा दिया। [1]

संक्षेप में

  • क्या हुआ: वकीलों ने ChatGPT से मिले अदालती फैसलों के हवाले बिना जाँच के दो अर्जियों में शामिल किए। कुछ हवाले ऐसे फैसलों के थे जो मौजूद ही नहीं थे। [1]
  • नतीजा: तीन वकीलों को फटकार लगी और इस मुकदमे में आगे काम करने से रोक दिया गया। नए वकीलों की तैयारी के लिए कार्यवाही 30 दिन रोकी गई। जिन दस्तावेज़ों को हमने देखा है, उनसे यह साबित नहीं होता कि गलत हवालों ने मूल मुकदमे का नतीजा बदल दिया। [1]
  • यह क्यों महत्वपूर्ण है: एआई के दिए हवाले वकीलों के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज़ों में पहुँचकर कानूनी दलीलों का आधार बन गए। दस्तावेज़ तैयार करने और दायर करने के बीच किसी ने यह नहीं जाँचा कि बताए गए फैसले सही थे या नहीं। [1] [2]

संदर्भ: कानूनी शोध में एआई · अमेरिकी संघीय अदालत · अलबामा, 2025

गलत हवाले अदालत तक कैसे पहुँचे

फ्रैंकी जॉनसन ने अलबामा के जेल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा किया था। उनका आरोप था कि अधिकारियों ने जेल में उन पर हुए हमलों से उन्हें नहीं बचाया। प्रतिवादियों में राज्य के जेल प्रशासन के पूर्व प्रमुख जेफ़रसन डन भी थे। मई 2025 में डन के वकीलों ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया से जुड़ी दो अर्जियाँ दायर कीं। एक अर्जी में यह सवाल था कि जॉनसन से शपथ के तहत कब पूछताछ की जा सकती है। इन अर्जियों से जॉनसन के आरोपों की सच्चाई तय नहीं होनी थी। [3] [1]

वकील मैथ्यू रीव्स ने ChatGPT से अपनी दलीलों के पक्ष में फैसले माँगे और उनके हवाले अर्जियों के मसौदे में जोड़ दिए। किसी कानूनी डेटाबेस में उनकी जाँच नहीं की। विलियम क्रैनफ़र्ड ने रीव्स के बदलाव शामिल किए, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए और उन्हें अदालत में दायर किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि हवाले कहाँ से आए थे। काम की निगरानी कर रहे विलियम लन्सफ़र्ड ने दोनों अर्जियों पर अपना नाम देने की अनुमति दी। उनके बयान के अनुसार, उन्होंने दूसरी अर्जी पढ़ी थी, पहली नहीं। किसी भी अर्जी के हवाले नहीं जाँचे। जज ने तीनों को जिम्मेदार ठहराया। [1] [2]

15 मई को जॉनसन के वकीलों ने हवालों पर सवाल उठाया और आशंका जताई कि इसमें एआई का इस्तेमाल हुआ होगा। जज ने खुद खोज की तो पाँच हवालों में गड़बड़ी मिली। Greer v. Warden, FCC Coleman I नाम का बताया गया फैसला मौजूद ही नहीं था। दूसरे हवाले असली लेकिन असंबंधित मामलों तक ले जाते थे, या किसी फैसले के नाम पर ऐसी कानूनी बात बताते थे जिसका उस फैसले में समर्थन नहीं था। इसलिए पाँचों को पूरी तरह गढ़े गए फैसले कहना सही नहीं होगा। [1]

एआई ने क्या किया

रीव्स ने अदालत को बताया कि हवाले ChatGPT से मिले थे। अदालत ने उनका यह बयान स्वीकार किया। इस एआई टूल ने ऐसे फैसलों के हवाले दिए जो मौजूद नहीं थे, और कुछ असली फैसलों के बारे में गलत जानकारी दी कि वे कहाँ मिलेंगे या उनमें क्या कहा गया था। इन हवालों को अर्जियों में शामिल करके अदालत तक पहुँचाने का काम वकीलों ने किया। [1] [2]

इस लेख के लिए देखे गए सार्वजनिक दस्तावेज़ों में ChatGPT के साथ मूल बातचीत नहीं है। इसलिए यह ठीक-ठीक नहीं बताया जा सकता कि ChatGPT ने क्या जवाब दिया था। किसी हवाले का गलत होना अपने आप में यह भी साबित नहीं करता कि उससे जिस कानूनी दलील को समर्थन देना था, वह दलील गलत थी। [1] [2]

यह क्यों महत्वपूर्ण है

अदालत में पेश दस्तावेज़ों में ये हवाले दलीलों के समर्थन में दिए गए थे। उन्हें पढ़ने वाले को यह नहीं बताया गया था कि स्रोत ChatGPT था या कि बताए गए फैसलों की जाँच कभी हुई ही नहीं थी। [1]

रीव्स ने एआई से पूछा, क्रैनफ़र्ड ने बदलावों वाले दस्तावेज़ दायर किए और लन्सफ़र्ड ने उन पर अपना नाम देने की अनुमति दी। जज के अनुसार, स्रोतों की जाँच हर वकील की जिम्मेदारी थी, उन वकीलों की भी जिन्होंने खुद ChatGPT इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने कहा कि गलत हवाले उस न्यायिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाते हैं जो अदालत के सामने वकीलों की ईमानदारी पर निर्भर करती है। [1]

इसके बाद क्या हुआ

जॉनसन के वकीलों की आपत्ति के बाद जज ने डन के वकीलों और उनकी फ़र्म Butler Snow से स्पष्टीकरण माँगा। उन्होंने ChatGPT का इस्तेमाल स्वीकार किया। अदालत ने सुधारकर अर्जियाँ दोबारा दायर करने की अनुमति दी। [1] [2]

जुलाई 2025 में अदालत ने रीव्स, क्रैनफ़र्ड और लन्सफ़र्ड को सार्वजनिक तौर पर फटकार लगाई, जॉनसन के मुकदमे में आगे काम करने से रोका और मामला वकीलों के पेशेवर आचरण की निगरानी करने वाले निकायों को भेजा। डन के नए वकीलों की तैयारी के लिए मुकदमे की कार्यवाही 30 दिन रोकी गई। इन तीनों को उस संघीय अदालत में दूसरे मुकदमे लड़ने से नहीं रोका गया और कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। फ़र्म और दो अन्य वकीलों को भी दंडित नहीं किया गया। डन को इस व्यवहार की जानकारी नहीं थी, इसलिए जज ने उन्हें भी दंडित नहीं किया। [1]

इसी घटना पर बाद में कई राज्यों में रीव्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई। मई 2026 में ओक्लाहोमा सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सार्वजनिक फटकार दी। [4]

घटना का विस्तृत विवरण

उन पाठकों के लिए जो घटना के पुनर्निर्माण को विस्तार से जाँचना चाहते हैं

एआई का जवाब अर्जी में कैसे शामिल हुआ

रीव्स दो कानूनी दलीलों के समर्थन में फैसले खोज रहे थे। एक सवाल यह था कि साक्ष्य जुटाने से जुड़ा दूसरा विवाद लंबित रहते हुए जॉनसन का शपथ के तहत बयान लिया जा सकता है या नहीं। उन्होंने ChatGPT के जवाब Westlaw या संघीय अदालतों के रिकॉर्ड सिस्टम में नहीं जाँचे। टीम ने अर्जियों में बदलाव किए और उन्हें पढ़ा, लेकिन हवाले बिना जाँच के बने रहे। ये अर्जियाँ 7 और 12 मई को दायर की गईं। अदालत का आदेश इस क्रम को वकीलों के बयानों और गवाही के आधार पर बताता है। उसमें ChatGPT को दिया गया मूल सवाल और उसका जवाब नहीं है। [1]

क्या पता है

जज ने विवादित पाँचों हवालों की खुद जाँच की। मूल अर्जियों पर अदालत का निर्णय आने से पहले ही जॉनसन के वकील गड़बड़ी पकड़ चुके थे। कार्रवाई अदालत में दायर दस्तावेज़ों की गलत जानकारी पर हुई थी। इससे यह तय नहीं हुआ कि जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर जॉनसन के आरोप सही थे। [1] [3]

ओक्लाहोमा सुप्रीम कोर्ट के फैसले में इसी घटना पर टेक्सस और अलबामा में रीव्स को सार्वजनिक फटकार दिए जाने तथा टेनेसी में उनकी सार्वजनिक निंदा किए जाने का भी उल्लेख है। इन तीन राज्यों के मूल आदेश इस लेख के लिए नहीं देखे गए। देखे गए स्रोत यह भी साबित नहीं करते कि बाद में क्रैनफ़र्ड या लन्सफ़र्ड के खिलाफ ऐसी ही अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई। [4]

क्या स्पष्ट नहीं है

देखे गए दस्तावेज़ों में ChatGPT के साथ पूरी बातचीत नहीं है। उनसे यह भी तय नहीं किया जा सकता कि गलत हवालों ने जॉनसन के मूल मुकदमे के नतीजे पर असर डाला या नहीं। अदालत के आदेश में नए वकीलों की तैयारी के लिए 30 दिन की रोक दर्ज है। इस रोक या गलत हवालों से मुकदमे में जॉनसन की स्थिति पर क्या असर पड़ा, यह उपलब्ध स्रोतों से स्पष्ट नहीं होता। [1]

समयरेखा

तारीख क्या हुआ
7 मई 2025 डन के वकील जॉनसन का शपथ के तहत बयान लेने की अर्जी दायर करते हैं। इसमें बाद में विवादित हुए हवाले हैं।
12 मई 2025 वकील दूसरी अर्जी दायर करते हैं, जिसमें एक और गलत हवाला है।
15–16 मई 2025 जॉनसन के वकील हवालों पर सवाल उठाते हैं; जज बताए गए फैसलों की जाँच करती हैं और स्पष्टीकरण माँगती हैं।
19–21 मई 2025 वकील ChatGPT का इस्तेमाल स्वीकार करते हैं; अदालत सुनवाई करती है।
23 जुलाई 2025 अदालत तीन वकीलों को फटकार लगाती है और इस मुकदमे से हटाती है।
नवंबर 2025–मई 2026 इसी घटना पर रीव्स के खिलाफ राज्यों में अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है; ओक्लाहोमा सुप्रीम कोर्ट मई में सार्वजनिक फटकार देता है।

2025 का घटनाक्रम संघीय अदालत के आदेश पर आधारित है। बाद की अनुशासनात्मक कार्रवाई का विवरण ओक्लाहोमा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लिया गया है। [1] [4]

स्रोत


  1. अलबामा के उत्तरी जिले की अमेरिकी संघीय जिला अदालत, Johnson v. Dunn में कार्रवाई का आदेश, 23 जुलाई 2025। अर्जियों, हवालों की जाँच, वकीलों की भूमिकाओं और कार्रवाई का अदालत का विवरण। ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎

  2. Butler Snow, Johnson v. Dunn में स्पष्टीकरण माँगने वाले आदेशों का जवाब, 19 मई 2025। फ़र्म का अपना विवरण और ChatGPT के इस्तेमाल की स्वीकृति; यह घटना में शामिल पक्ष का दस्तावेज़ है। ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎ ↩︎

  3. अलबामा के उत्तरी जिले की अमेरिकी संघीय जिला अदालत, Johnson v. Dunn में फैसला, 12 मार्च 2024। मुकदमे की पृष्ठभूमि और जॉनसन के आरोप; उनका वर्णन आरोपों की सच्चाई का न्यायिक निष्कर्ष नहीं है। ↩︎ ↩︎

  4. ओक्लाहोमा सुप्रीम कोर्ट, State of Oklahoma ex rel. Oklahoma Bar Association v. Reeves, 27 मई 2026। ओक्लाहोमा की सार्वजनिक फटकार और इसी घटना पर अन्य राज्यों की कार्रवाई का विवरण; अदालत का आधिकारिक रिकॉर्ड ओक्लाहोमा के निर्णय की पुष्टि करता है। ↩︎ ↩︎ ↩︎

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